New ncert book Hindi Class 9 Ganga

कक्षा 9 हिंदी की नई बुक “गंगा”

7 अप्रैल को ncert/cbse हिंदी के बेबीनार 2 में निम्न बात बताईं गईं-

  • हिंदी क्लास 9 की बुक का नाम है “गंगा”।
  • पहले हिंदी कोर्स अ और हिंदी कोर्स-बी थी, जिनमें चार पुस्तकें थीं। क्षितिज और कृतिका/स्पर्श और संचयन।
  • एक ही बुक होगी जिनमें 14 चैप्टर होंगे।
  • हर चैप्टर के शुरू में लेखक और कवि का परिचय मिलेगा ।
  • व्याकरण की अलग से कोई बुक नहीं होगी। अब हर चैप्टर के अंत में ग्रामर देखने को मिलेगी।
  • कोई अलग से सप्लीमेंटरी नहीं होगी।
  • अब रटकर नहीं समझकर लिखना होगा।
  • अब एक प्रश्न के मल्टी प्रश्न होंगे। अब अगर आप उसकी जगह होते तो क्या करते इस प्रकार के प्रश्न पूछें जाएँगे।
  • अब राइटिंग स्किल ज्यादा देखने को मिलेगी।
  • अब गतिविधियाँ होंगी और पहेलियाँ पूछी जाएँगी अगर उसकी जगह होते तो क्या करते इस प्रकार के प्रश्न होंगे।

 कक्षा-9

विषय-हिंदी

(पुस्तक का नाम “गंगा”)

विषय – क्रम

गद्य खंड

1.दो बैलों की कथा(कहानी) – प्रेमचंद 

2.क्या लिखें(निबंध)- पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी

3.संवादहीन(कहानी)- शेखर जोशी

4.ऐसी भी बातें होती हैं(लता मंगेशकर से साक्षात्कार)- यतीन्द्र मिश्र

5.आखिरी चट्टान तक(यात्रावृतांत)- मोहन राकेश

6.रीढ़ की हड्डी(एकांकी)-जगदीशचंद्र माथुर

7.मैं और मेरा देश(निबंध) -कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर

  • निर्मल जीत सिंह सिखों (साथ-साथ पढ़ें)(लेख) -एनसीआरटी

काव्य खंड (कविता)

8.रैदास के पद- रैदास

9.राम-परशुराम-लक्ष्मण संवाद-तुलसीदास

10.भारति,जय,विजयकरे!- सूर्यकान्त त्रिपाठी

11.झाँसी की रानी- सुभद्राकुमारी चौहान

12.घर की याद- भवानी प्रसाद मिश्र

  • तब याद तुम्हारी आती है(साथ-साथ पढ़ें)- रामनरेश त्रिपाठी

    3 Language (R-1, R-2, R-3)

    (3 भाषाएँ पढना अनिवार्य है )

    R-1. इसे पहली भाषा कहते हैं इसमें हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू और कन्नड़ केवल चार भाषाएँ हैं ।

     R-2. इसे दूसरी भाषा कहते हैं इसमें CBSE के द्वारा बताई गई लिस्ट में 43 भाषाएँ हैं ।

     R-3. इसे तीसरी भाषा कहते हैं इसमें भारतीय संविधान में मान्यता प्राप्त 22 भाषाएँ आती हैं ।

    भारतीय की 22 भाषाएँ

    1. असमिया (Assamese)
    2. बंगाली (Bengali)
    3. बोडो (Bodo)

    4.डोगरी (Dogri)

    5.गुजराती (Gujarati)

    6.हिंदी (Hindi)

    7.कन्नड़ (Kannada)

    8.कश्मीरी (Kashmiri)

    9.कोंकणी (Konkani)

    1. मैथिली (Maithili)
    2. मलयालम (Malayalam)

    12.मणिपुरी (Manipuri / Meitei)

    1. मराठी (Marathi)
    2. नेपाली (Nepali)
    3. ओड़िया (Odia)
    4. पंजाबी (Punjabi)
    5. संस्कृत (Sanskrit)
    6. संताली (Santali)

    19.सिंधी (Sindhi)

    1. तमिल (Tamil)
    2. तेलुगु (Telugu)

    22.उर्दू (Urdu)

    • ये भाषाएँ भारत की सांस्कृतिक और भाषाई विविधता को दर्शाती हैं।

    1.इस साल (202627 ) सिर्फ कक्षा 6 में 3 भाषाएँ विद्यार्थियों को पढनी होंगी

    Academic Session Academic Session
    2026-27 Class VI
    2027-28 Class VI, VII
    2028-29 Class VI, VII, VIII
    2029-30 Class VI, VII, VIII, IX
    2030-31 Class VI, VII, VIII, IX, X
    • लैंग्वेज सब्जेक्ट को R1 (प्राथमिक भाषा), R2 (दूसरी भाषा) और R3 (तीसरी भाषा) में बांटा गया है। इन तीनों में से कम से कम दो भारतीय भाषाएं होंगी।

     

    क्या अब अंग्रेजी अनिवार्य नहीं होगी?

    नई शिक्षा व्यवस्था के अनुसार अब अंग्रेजी को अनिवार्य विषय के रूप में नहीं रखा गया है। हालांकि, अधिकांश स्कूल अभी भी अंग्रेजी पढ़ाना जारी रख सकते हैं, क्योंकि उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर में इसकी उपयोगिता बनी हुई है। छात्रों को अब विकल्प दिया गया है कि वे अंग्रेजी या किसी अन्य विदेशी भाषा में से किसी एक को चुन सकते हैं, लेकिन दोनों को एक साथ नहीं ले सकते। इस तरह अंग्रेजी की अनिवार्यता खत्म हो जाती है, लेकिन व्यवहार में इसका महत्व अभी भी बना रहेगा।


    CBSE के नए पैटर्न से क्या बदलाव होंगे?

    इस नई व्यवस्था से भारतीय भाषाओं को बढ़ावा मिलेगा। छात्रों की भाषा समझ और संवाद कौशल (कम्युनिकेशन स्किल्स) बेहतर होने की संभावना है। साथ ही, उन्हें अलग-अलग भाषाएँ सीखने का अवसर मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि तीन-भाषा प्रणाली (Three Language System) से बच्चों को विभिन्न संस्कृतियों को समझने में मदद मिलेगी और उनके लिए करियर के नए रास्ते भी खुलेंगे। यह बदलाव भारतीय भाषाओं के महत्व को बढ़ाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।


    क्या अंग्रेजी का प्रभाव कम हो जाएगा?

    इस बदलाव का उद्देश्य यह है कि बच्चे प्रारंभिक शिक्षा अपनी मातृभाषा या स्थानीय भाषा में प्राप्त करें, ताकि उनकी समझ मजबूत हो सके। पहले शिक्षा में अंग्रेजी पर अधिक जोर दिया जाता था, लेकिन अब इसे एक विदेशी भाषा के रूप में देखा जाएगा। तीन-भाषा सूत्र के तहत दो भारतीय भाषाएँ पढ़ना आवश्यक है, जबकि तीसरी भाषा के रूप में अंग्रेजी या कोई अन्य विदेशी भाषा चुनी जा सकती है। इस प्रकार अंग्रेजी का वर्चस्व कुछ हद तक कम करने की कोशिश की जा रही है।

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By hindi Bharti

Dr.Ajeet Bhartee M.A.hindi M.phile (hindi) P.hd.(hindi) CTET

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