do bailon ki katha question answer ganga
NCERT Class 9 विषय-हिंदी (पुस्तक-गंगा)
पाठ-1. दो बैलों की कथा-प्रेमचंद |
-:लेखक प्रेमचंद का परिचय:-
जन्म- सन् 1880 ई.
स्थान- लमही, जिला-वाराणसी, उत्तर-प्रदेश
उपनाम- धनपत राय
शिक्षा- बी.ए. पास
रचनाएँ- सेवासदन, गोदान, गबन, निर्मला, रंगभूमि, कर्मभूमि, पूस की रात, कफन, परीक्षा, बूढी काकी आदि।
निधन- सन् 1936 ई.
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(शादार्थ )
| शब्द | अर्थ |
| 1.अनादर | अपमान |
| 2.अड़ियल | जिद्दी |
| 3.अख्तियार | अधिकार |
| 4.अभिनंदन पत्र | सम्मान-पत्र |
| 5.आक्षेप | आरोप |
| 6.आहत | घायल |
| 7.आत्मीयता | अपनापन |
| 8.उजड्डपन | उद्दंडता |
| 9.उन्मत्त | पागल |
| 10.उछाह | उत्साह |
| 11.चपल | चंचल |
| 12. गोई | जोड़ी |
| 13. ग्रास | कौर |
| 14.चरनी | चारा खाने की जगह |
| 15.कंजिहौस | पशुओं की जेल |
| 16.कदाचित | शायद |
| 17.चौकस | चौकन्ना |
| 18.चिप्पड | टुकड़ा |
| 19.टिटकार | बैलों को तेज चलाने के लिए मुँह से निकाली गई आवाज |
| 20.टटोलना | उँगलियों से छूकर देखना |
| 21.ठठरी | हड्डी |
| 22.थान | पशुओं को बांधने की जगह |
| 23.नांद | पशुओं के चारा खाने का बड़ा-सा बर्तन |
| 24.निरापद | सुरक्षित |
| 25.परले दरजे का बेवकूफ | महामूर्ख |
| 26.पराकाष्ठा | अंतिम सीमा |
| 27.नाहक | बेकार |
| 28.पगहिया | बैलों को बाँधने की रस्सी |
| 28.बछिया के ताऊ | अत्यधिक मूर्ख |
| 29.पुर चलाना | चमड़े के बड़े से थैले से पानी खींचना |
| 30.प्रेमालिंगन | प्रेम से बाँहों में भरना |
| 31.नगीच | निकट |
| 32.बधिक | बध करने वाला |
| 33.सहिष्णुता | सहनशीलता |
| 34. मसलहत | उचित |
| 35.रगेदना | दौड़ाना |
| 36.विषाद | दुखी |
| 37.सरपट | तेजीसे |
| 38.भीत | डरा हुआ |
| 39.बरकत | बढ़ती |
| 40.विग्रह | अलगाव |
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(पाठ का सार Summary)
“दो बैलों की कथा” कहानी में झूरी नाम का एक किसान है जिसके पास दो बैल हैं- एक नाम हीरा और दूसरे का मोती है। दोनों बैल बहुत मेहनती, समझदार गहरे मित्र और अपने मालिक के भक्त हैं। वे बिना बोले एक-दूसरे की बात समझ लेते हैं और एक-दूसरे से बहुत प्रेम करते हैं।
एक दिन झूरी ने उन्हें अपने साले ‘गया’ के घर भेज दिया। बैलों को लगा कि उन्हें बेच दिया गया है, इसलिए वे दुखी हो गए। गया ने अपने घर पर उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया। वह उनसे खूब काम करवाता है और मारता भी है। खाने को अच्छा चारा भी नहीं देता था। दुखी होकर दोनों बैल रात में रस्सी तोड़कर अपने असली घर आ जाते हैं।
झूरी बैलों को देखकर खुश हो जाता है लेकिन उसकी पत्नी उन्हें देखकर कामचोर कहती है। गया फिर से आकर उन्हें ले जाता है। वहाँ उन्हें और भी कष्ट सहने पड़ते हैं। केवल एक छोटी लड़की उन्हें चुपके से रोटियाँ खिलाती है, जिससे उन्हें थोड़ा प्रेम मिलता है।
एक दिन मौका पाकर वे फिर से भाग जाते हैं। रास्ते में उन्होंने कई समस्याओं का सामना किया-एक तो साँड़ से लड़ाई लड़ी और खेत में मटर खाते हुए पकडे जाने पर उन्हें काँजीहौस (पशुशाला) में बंद कर दिया गया। वहाँ उन्होंने दीवार तोड़कर कई जानवरों को आज़ाद किया, लेकिन उनको मोटी रस्सियों से बाँध दिया गया। कई दिनों तक भूखा रखने के कारण वे बहुत कमजोर हो जाते हैं।
बाद में उन्हें नीलाम कर एक कसाई को बेच दिया जाता है, कसाई के साथ जाते समय रास्ते में उन्हें अपने पुराने घर का रास्ता दिखाई दे जाता है। दोनों बैल ताकत लगाकर अपने घर की ओर भागते हैं और सीधे अपने पुराने मालिक झूरी के पास पहुँच जाते हैं।
कसाई उन्हें फिर से ले जाना चाहता था, लेकिन मोती उसे दौड़ाकर भगा देता है। अंत में झूरी अपने बैलों को प्यार करता है। झूरी की पत्नी दोनों बैलों के माथे चूमती और उन्हें अच्छा भोजन देती है।
मुख्य संदेश:– यह कहानी सच्ची मित्रता, निष्ठा, साहस अपने घर, देश और मालिक के प्रति प्रेम को दर्शाती है। हीरा और मोती यह सिखाते हैं कि सच्चा साथी हर परिस्थिति में साथ निभाता है और अन्याय का विरोध करना चाहिए। देश की खातिर बंधन भी स्वीकार है।
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अभ्यास/प्रश्न-उत्तर
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रचना से संवाद
1.मेरे उत्तर मेरे तर्क
निम्नलिखित प्रश्नों के सटीक उत्तर चुनिए और यह भी बताइए कि आपको ये उत्तर उयुक्त क्यों लगते हैं ?
प्रश्न -1. में हीरा और मोती का आपसी संबंध किस गुण को मुख्य रूप से दर्शाता है?
(क) प्रतिस्पर्धा और प्रतिद्वंद्विता
(ख) एकता और सहयोग
(ग) गर्व और दंभ
(घ) विद्रोह और क्रोध
उत्तर-(ख) एकता और सहयोग
उपयुक्त कारण- कहानी में हीरा और मोती हमेशा एक-दूसरे का साथ देते हैं। संकट के समय वे मिलकर उसका सामना करते हैं। उनका संबंध मित्रता, एकता और सहयोग का उदाहरण है।
(घ) विद्रोह और क्रोध
उत्तर-(घ) विद्रोह और क्रोध
उपयुक्त कारण- कहानी में हीरा और मोती अन्याय, मारपीट और बुरे व्यवहार के विरुद्ध प्रतिक्रिया करते हैं। वे अत्याचार सहने के बाद विद्रोह करते हैं। इसलिए कुछ संदर्भों में यह उत्तर भी उचित लग सकता है।
लेकिन मुख्य रूप से उनके आपसी संबंध को देखें, तो सबसे सही उत्तर (ख) एकता और सहयोग ही रहेगा।
प्रश्न -2.हीरा-मोती ने नया स्थान स्वीकार क्यों नहीं किया?
(क) उन्हें भरपेट भोजन दिया गया।
(ख) उन्हें बहुत मोटी रस्सी से बाँधा गया।
(ग) मालिक ने बेचा, यह सोचकर उन्हें अपमान लगा।
(घ) उन्हें अलग-अलग बाँधा गया।
उत्तर- (ग) मालिक ने बेचा, यह सोचकर उन्हें अपमान लगा।
उपयुक्त कारण- हीरा और मोती अपने पुराने मालिक से नोट प्रेम करते थे। उन्हें लगा कि उनके मालिक ने उनको बेच दिया है, तो उन्हें यह अपमानजनक और दुखद लगा। इसी कारण वे नए स्थान को स्वीकार नहीं कर पाए।
प्रश्न -3.बैलों ने रस्सी तोड़कर घर लौटने का निर्णय क्यों लिया ?
(क) कष्टों से बचने के लिए
(ख) स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए
(ग) अभिमान की रक्षा के लिए
(घ) अपनापन पाने के लिए
उत्तर- (ख) स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए
उपयुक्त कारण- नए स्थान पर उन्हें बंधन और कष्ट का सामना करना पड़ा। वे स्वतंत्रता और अपने पुराने जीवन की ओर लौटना चाहते थे, इसलिए उन्होंने रस्सी तोड़कर भागने का निर्णय लिया।
प्रश्न -4.गया द्वारा डंडे से मारने पर मोती का आक्रोश किस मानवीय मनोवृत्ति का द्योतक (संकेत करने वाला) है?
(क) स्वाभिमान
(ख) अहिंसा
(ग) पराधीनता
(घ) अन्याय की रक्षा
उत्तर- (क) स्वाभिमान
उपयुक्त कारण- जब मोती को मारा गया, तो उसने विरोध किया। जो यह दिखाता है कि उसमें भी स्वाभिमान (self-respect) है और वह अन्याय सहन नहीं करना चाहता है।
प्रश्न -5 .कहानी में बैलों की ‘मूक-भाषा’ का प्रयोग लेखक ने किस लिए किया ?
(क) कहानी को रोचक बनाने के लिए
(ख) मनुष्य जैसी चेतना दिखाने के लिए
(ग) संवादों को छोटा रखने के लिए
(घ) कथा में हास्य उत्पन्न करने के लिए
उत्तर- (ख) मनुष्य जैसी चेतना दिखाने के लिए
उपयुक्त कारण- लेखक ने बैलों की मूक-भाषा के माध्यम से यह दिखाया है कि पशुओं में भी भावनाएँ और समझ होती हैं। इससे वे मनुष्यों की तरह सोचने और महसूस करने वाले लगते हैं, जिससे कहानी अधिक प्रभावशाली बनती है।
प्रश्न -6.‘दो बैलों की कथा’ को यदि स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ें, तो हीरा और मोती किसके प्रतीक हो सकते हैं?
(क) भारत में अंग्रेजों के क्रूर और अन्यायपूर्ण शासन के
(ख) स्वतंत्रता संग्राम में पशुओं के योगदान के
(ग) सत्याग्रह और अहिंसा के आन्दोलन के
(घ) स्वतंत्रता के लिए भारतीय जनता के संघर्ष के
उत्तर: (घ) स्वतंत्रता के लिए भारतीय जनता के संघर्ष के
उपयुक्त कारण- दोनों बैल क्रांतकारियों के प्रतीक हैं। वे अत्याचार सहते हैं, पर हार नहीं मानते और स्वतंत्र होने का प्रयास करते हैं। इसी प्रकार भारत की जनता ने अंग्रेजी शासन के अत्याचारों का विरोध किया और आज़ादी के लिए लगातार संघर्ष किया।
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मेरी समझ मेरे विचार
नीचे दिए गए प्रश्नों पर कक्षा में चर्चा कीजिए और उनके उत्तर लिखिए-
प्रश्न -1.“दूसरे दिन गया ने बैलों को हल में जोता, पर इन दोनों ने जैसे पाँव न उठाने की कसम कहा ली थी।” जब बैल नए मालिक के यहाँ गए, तो उन्होंने काम करने से इनकार क्यों कर दिया था?
उत्तर- जब बैल नए मालिक ‘गया’ के यहाँ गए, तो वहाँ उन्हें प्रेम और अपनापन नहीं मिला। गया उनसे खूब काम कराना चाहता था। हीरा और मोती अपने पुराने मालिक झूरी को चाहते थे। इसलिए दुखी होकर उन्होंने हल में काम करने से इनकार कर दिया।
प्रश्न -2.”गाँव के इतिहास में यह घटना अभूतपूर्व न होने पर भी महत्वपूर्ण थी।” बैलों का घर लौट आना कोई साधारण घटना नहीं है। कैसे?
(संकेत- वे क्यों लौट आए, उनके और झूरी के मन में कौन-कौन से भाव रहे होंगे, क्या वास्तविक जीवन में भी ऐसा होता है आदि।)
उत्तर-बैलों का घर लौट आना महत्वपूर्ण घटना थी, क्योंकि वे अपने मालिक झूरी के प्रति प्रेम और लगाव के कारण वापस आए थे। उन्होंने रास्ता पहचानकर अपने घर पहुँचने का प्रयास किया। झूरी भी उन्हें देखकर बहुत प्रसन्न हुआ। यह घटना मनुष्य और पशु के सच्चे संबंध को प्रकट है। वास्तविक जीवन में भी पशु अपने मालिक के प्रेम को पहचानते हैं।
प्रश्न -3.“मोती ने मूक-भाषा में कहा- अब तो नहीं सहा जाता, हीरा!”
‘कभी-कभी संघर्ष करना आवश्यक हो जाता है’ इस कथन को कहानी के उदाहरणों से सिद्ध कीजिए।
उत्तर-कहानी में जब गया बैलों पर अत्याचार करता है, तब वे काम करने से मना कर देते हैं। जब उन पर अधिक अत्याचार होता है, तब मोती विरोध करने की बात करता है। इससे स्पष्ट होता है कि अन्याय सहते रहना उचित नहीं है। कभी-कभी अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए संघर्ष करना जरुरी हो जाता है।
प्रश्न -4.“जब पेट भर गया और दोनों ने आजादी का अनुभव किया…”हीरा एवं मोती ‘स्वतंत्रता’ और ‘अपनापन’ दोनों में से किस भावना से अधिक प्रेरित थे? कारण सहित लिखिए।
उत्तर-हीरा और मोती अपनों से बहुत लगाव था। वे झूरी के घर में प्रेम पाते थे, इसलिए वहाँ लौट आए। केवल स्वतंत्रता मिलने पर भी वे संतुष्ट नहीं थे, क्योंकि उन्हें अपने प्रिय मालिक का साथ भी चाहिए था।
प्रश्न -5 .“बैलों ने जैसे पाँव न उठाने की कसम खा ली थी।”
‘अत्याचार सहना भी अन्याय में भागीदारी है’ क्या आप इस कथन से सहमत हैं? अपने उत्तर के कारण भी बताइए।
उत्तर- हाँ, मैं इस कथन से सहमत हूँ कि अत्याचार सहना भी अन्याय में भागीदारी है। यदि कोई व्यक्ति अन्याय का विरोध नहीं करता, तो अत्याचारी का साहस बढ़ जाता है। कहानी में बैलों ने अत्याचार सहने के बजाय विरोध किया। इससे शिक्षा मिलती है कि अन्याय का सामना करना चाहिए।
प्रश्न -6.“बहुत दिनों साथ रहते-रहते दोनों में भाईचारा हो गया था।” हीरा और मोती अभिन्न मित्र थे। कहानी की किन-किन घटनाओं के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है? कम से कम तीन बिंदु लिखिए।
उत्तर- हीरा और मोती अभिन्न मित्र थे-तीन बिंदु इस प्रकार से हैं-
1.दोनों हमेशा साथ रहते थे और साथ काम करते थे।
2.वे एक-दूसरे के दुख-सुख को समझते थे।
कठिन परिस्थितियों में भी दोनों ने एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा।
3.दोनों साथ मिलकर घर वापस लौट आए।
प्रश्न -7.“उसी समय मालकिन ने आकर दोनों के माथे चूम लिए।” कहानी में मालकिन और छोटी लड़की, दोनों के व्यवहार की तुलना कीजिए।
उत्तर- मालकिन का व्यवहार बैलों के प्रति प्रेमपूर्ण था। जब बैल लौटे, तो उसने उनके माथे चूम लिए और खुशी प्रकट की। दूसरी ओर छोटी लड़की को बैलों पर दया आती थी। वह उन्हें चुपके से रोटियाँ खिलाती थी। दोनों का व्यवहार स्नेहपूर्ण था, पर मालकिन का प्रेम खुला था और लड़की का प्रेम छिपा हुआ।
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मेरी कल्पना मेरे अनुमान
प्रश्न -1.”उसने उनके माथे सहलाए और बोली- खोले देती हूँ। चुपके से भाग जाओ…” यदि आप वह छोटी लड़की होते, तो बैलों की मदद किस प्रकार करते?
उत्तर– यदि मैं वह छोटी लड़की होती, तो बैलों की मदद करने के लिए उन्हें चुपके से खोल देती, उन्हें खाना-पानी देती और सुरक्षित रास्ता दिखाकर उनके घर पहुँचाने की कोशिश करती। साथ ही, मैं बड़े लोगों को भी समझाने का प्रयास करती कि पशुओं के साथ प्रेमपूर्ण व्यवहार करना चाहिए।
प्रश्न -2.”दोनों गधे अभी तक ज्यों-के-त्यों खड़े थे।” भय और संकोच इंसान को अवसर मिलने पर भी जकड़े रखता है। क्या आप इस कथन से सहमत हैं? इस वाक्य के संबंध में कहानी और अपने अनुभवों से उदाहरण लेते हुए अपने विचार लिखिए।
उत्तर- हाँ, मैं इस कथन से सहमत हूँ। कहानी में गधों को भागने का अवसर मिला, फिर भी वे भय और संकोच के कारण वहीं खड़े रहे। इसी प्रकार कई बार विद्यार्थी उत्तर जानते हुए भी डर के कारण बोल नहीं पाते। मैंने भी कई बार मंच पर बोलने का मौका होने पर संकोच महसूस किया है। इसलिए भय और संकोच व्यक्ति की विकास में बाधा बनते हैं।
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मेरे अनुभव मेरे विचार
प्रश्न -1.“दोस्तों में घनिष्ठता होते ही धौल-धप्पा होने लगता है। इसके बिना दोस्ती कुछ फुसफुसी, कुछ हल्की-सी रहती है, जिस पर ज्यादा विश्वास नहीं किया जा सकता।” क्या आप इस बात से सहमत हैं? आपको ऐसा क्यों लगता है? अपने अनुभवों के आधार पर बताइए।
उत्तर- हाँ, मैं इस बात से कुछ हद तक सहमत हूँ। सच्चे मित्रों में हँसी-मज़ाक, छेड़छाड़ और अपनापन होता है। इससे संबंध मजबूत होते हैं। परंतु यह सब सीमा के अंदर होना चाहिए। यदि मज़ाक से किसी को दुख पहुँचे, तो वह उचित नहीं है। मेरे मित्रों में भी हँसी-मज़ाक होता है, जिससे दोस्ती और अच्छी लगती है।
प्रश्न -2.“हीरा ने तिरस्कार किया- गिरे हुए बैरी पर सींग न चलाना चाहिए।”
“यह सब ढोंग है। बैरी को ऐसा मारना चाहिए कि फिर न उठे।”
आपका इस संबंध में क्या विचार है? आप किसके साथ हैं हीरा के या मोती के या दोनों के ? क्यों ?
उत्तर- मैं दोनों के विचारों को उचित मानता हूँ। हीरा का विचार क्षमा, दया और नीति का प्रतीक है कि गिरे हुए शत्रु पर वार नहीं करना चाहिए।
मोती का विचार अन्याय के विरुद्ध कठोरता दिखाने का है। परिस्थिति के अनुसार दोनों विचार सही हो सकते हैं।
सामान्य स्थिति में मैं हीरा के विचार से सहमत हूँ, क्योंकि क्षमा महान गुण है।
प्रश्न -3.“हम और तुम इतने दिनों एक साथ रहे। आज तुम विपत्ति में पड़ गए तो मैं तुम्हें छोड़कर अलग हो जाऊँ?” क्या कभी आपने किसी विपत्ति या चुनौती का सामना अपने किसी मित्र या परिजन के साथ मिलकर किया है ? उस घटना के विषय में बताइए।
उत्तर- हाँ, एक बार परीक्षा के समय मेरे एक मित्र की तबीयत खराब हो गई थी। वह पढ़ाई नहीं कर पा रहा था। मैंने उसके साथ बैठकर नोट्स समझाए और उसकी मदद की। हम दोनों ने मिलकर तैयारी की और परीक्षा दी। इससे हमारी मित्रता और मजबूत हुई।
विधा से संवाद |
कहानी की पड़ताल
प्रश्न -1.कहानी ऐसी रचना है जिसमें जीवन के किसी एक अंग या किसी एक मनोभाव को प्रदर्शित करना ही लेखक का उद्देश्य रहता है। उसके चरित्र, उसकी शैली, उसका कथा-विन्यास सभी उसी एक भाव को पुष्ट करते हैं।
कोई कहानी वास्तविक या काल्पनिक घटनाओं पर आधारित हो सकती है और इसमें वास्तविक या काल्पनिक पात्र भी शामिल हो सकते हैं।
आप कहानी लेखन की इस प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए एक कहानी का शीर्षक चुनिए और दिए गए मुख्य बिंदुओं को पूरा कीजिए-
| शीर्षक और लेखक | “सच्चा मित्र” और लेखक छात्र विनायक कटियार |
| विषय | परीक्षा का समय |
| क्रिया/कार्य | शिक्षा |
| परिवेश/देश-काल और मुख्य विचार | वर्तमान काल/संगठित होकर काम करना |
| चरित्र/पात्र | राहुल और मोहन |
| परिणाम | सच्ची मित्रता संकट के समय पहचानी जाती है। |
उत्तर- कहानी का शीर्षक- “सच्चा मित्र”
मुख्य बिंदु-
- दो मित्र – राहुल और मोहन
- परीक्षा का समय
- मोहन बीमार पड़ गया
- राहुल ने सहायता की
- दोनों ने मेहनत की
- सफलता मिली
कहानी- राहुल और मोहन बहुत अच्छे मित्र थे। दोनों साथ पढ़ते और खेलते थे। परीक्षा से कुछ दिन पहले मोहन बीमार पड़ गया। वह बहुत चिंतित था, क्योंकि उसकी पढ़ाई अधूरी रह गई थी।
राहुल ने अपने मित्र की चिंता दूर की। वह रोज़ मोहन के घर जाता, उसे पढ़ते समय समझाता और नोट्स देता। मोहन भी धीरे-धीरे स्वस्थ होने लगा। दोनों ने मिलकर मेहनत की।
परीक्षा में दोनों ने अच्छे अंक प्राप्त किए। मोहन ने राहुल को धन्यवाद दिया। राहुल ने कहा, “सच्चा मित्र वही है, जो कठिन समय में साथ दे।”
शिक्षा- सच्ची मित्रता संकट के समय पहचानी जाती है।
कहानी का सौन्दर्य |
प्रश्न -1.”दोनों सिर झुकाकर उसका हाथ चाटने लगे। दोनों की पूँछे खड़ी हो गईं।”
इस वाक्य को पढ़कर आँखों के सामने एक दृश्य-सा बन जाता है। आप जानते हैं कि भाषा की इस विशेषता को चित्रात्मकता कहते हैं। ‘दो बैलों की कथा’ कहानी में ऐसी अनेक विशेषताएँ हैं जो इसे अद्भुत और प्रभावपूर्ण बनाती हैं।
नीचे इस कहानी में आए कुछ विशेष बिंदुओं को उदाहरण के साथ दिया गया है। आप भी एक-एक उदाहरण खोजकर तालिका में लिखिए-
| विशेषता | विशेषता का अर्थ | उदाहरण 1 | उदाहरण 2 |
| चित्रात्मक भाषा | शब्दों के माध्यम से पाठक के मन में स्पष्ट और जीवंत चित्र या छवियाँ बनाना। | घुटने तक पाँव कीचड़ से भरे थे। | सहसा घर का द्वार खुला और वही लड़की निकली। |
| संवादात्मकता | कथ्य को आगे बढ़ाने के लिए, पात्रों के विचार, भाव आदि व्यक्त करने के लिए बातचीत और संवादों का प्रयोग । | मर जाऊँगा, पर उसके काम न आऊँगा। | मोती ने कहा-अब तो नहीं सहा जाता। |
| विरोधाभास | एक ही प्रसंग या रचना में दो विपरीत या परस्पर विरोधी बातें एक साथ मौजूद होना । | झूरी बैलों को देखकर स्नेह से गदगद हो गया । झूरी की स्त्री ने बैलों को द्वार पर देखा, तो जल उठी । | गया बैलों को मारता भी था और काम भी लेता था। |
| व्यंग्य | वह शैली जिसमें मजाक, कटाक्ष (चुभते हुए संकेतों) के माध्यम से किसी दोष, कुरीति, अन्याय या कमजोरी को प्रकट किया जाता है। | भारतवासियों की अफ्रीका में क्या दशा हो रही है? अगर ये भी ईंट का जवाब पत्थर से देना सीख जाते तो शायद अच्छे कहलाते । | यह कैसा स्वामी है |
| संघर्ष | दो विरोधी शक्तियों, विचारों, इच्छाओं या परिस्थितियों का आपस में टकराना। | उससे भिड़ना जान से हाथ धोना है; लेकिन न भिड़ने पर भी जान जाती नजर आती।(बैल बनाम साँड ) । | बैल बनाम सांड का संघर्ष। |
| अतिश्योक्ति | किसी पात्र, भाव या वस्तु का इतना बढ़ाकर वर्णन करना जिससे वह असंभव या अविश्वसनीय लगे । | झूरी इन्हें फूल की छड़ी से भी न छूता था। उसकी टिटकार पर दोनों उड़ने लगते थे । | दोनों की खुशी बड़ी हो गई। |
| संदेह/उलझन | जब पात्र किसी निर्णय पर नहीं पहुँच पाता और उसके मन में चिंता या उलझन होती है । | सारा दिन बीत गया और खाने को एक तिनका भी न मिला। समझ में न आता था, यह कैसा स्वामी है? | अब क्या होगा, यही सोचते रहे। |
कहानी की रचना |
प्रश्न -1.प्रायः कहानी के प्रसंगों में ही कहानी के मुख्य चरित्र, कहानी का समय, कहानी की भाषा, घटनाओं आदि के कुछ संकेत मिलने लगते हैं। प्रेमचंद की इस कहानी में भी ऐसे संकेत हैं। आप कहानी के ऐसे संकेत/बिंदुओं को ढूँढ़कर लिखिए।
उत्तर– प्रेमचंद की कहानी ‘दो बैलों की कथा’ में अनेक ऐसे संकेत मिलते हैं, जिनसे कहानी के मुख्य चरित्र, समय, भाषा और घटनाओं का पता चलता है।
1.मुख्य चरित्र के संकेत – कहानी के मुख्य पात्र हीरा, मोती, झूरी, झूरी की पत्नी और गया हैं। हीरा और मोती बैल होकर भी समझदार, स्वाभिमानी और संवेदनशील दिखाए गए हैं।
2.कहानी के समय के संकेत – कहानी उस समय की है जब भारत में कृषि प्रधान समाज था और बैलों से खेती की जाती थी। गाँवों में पशुओं का विशेष महत्व था।
3.भाषा के संकेत – कहानी की भाषा सरल, सहज, ग्रामीण तथा बोलचाल की है। इसमें लोकभाषा और मुहावरों का प्रयोग हुआ है।
4.घटनाओं के संकेत – बैलों का झूरी के घर रहना, गया के यहाँ भेजा जाना, अत्याचार सहना, वहाँ से भागकर वापस लौट आना आदि प्रमुख घटनाएँ हैं।
5.सामाजिक संकेत – कहानी में पशुओं के प्रति प्रेम, किसान जीवन, अन्याय का विरोध, मित्रता, एकता और स्वाभिमान जैसे सामाजिक मूल्यों का चित्रण मिलता है।
विषयों से संवाद |
कहानी का समय और समाज
प्रश्न -1. ‘दो बैलों की कथा’ कहानी जिस समय लिखी गई थी, उस समय भारत पर अंग्रेजों का दमनकारी शासन चल रहा था। उस समय भारतवासी भी अपने-अपने ढंग से इस अंग्रेजी शासन का विरोध कर रहे थे। इस कार्य में लेखक भी किसी से पीछे नहीं थे। वे अपनी रचनाओं के माध्यम से लोगों को स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने हेतु प्रेरित कर रहे थे।
इस कहानी में से कुछ वाक्य चुनकर नीचे दिए गए हैं। इन वाक्यों का मिलान स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े उपयुक्त वाक्यों के साथ कीजिए-
| कहानी में से वाक्य | स्वतंत्रता आन्दोलन से जुडाव |
| 1. जोर तो मारता ही जाऊँगा, चाहे कितने ही बंधन पड़ते जाएँ। | 6. स्वतंत्रता सेनानी बार-बार जेल गए, फाँसी पर चढ़े, पर संघर्ष छोड़ने को तैयार नहीं हुए। |
| 2. मर जाऊँगा, पर उसके काम तो न आऊँगा। | 5. स्वतंत्रता के लिए प्राण देना स्वीकार्य था, पर अंग्रेजों की सेवा में लगना अस्वीकार्य। |
| 3. हमारी जान को कोई जान ही नहीं समझता। | 4. दासता के काल में भारतीयों के प्राण, सम्मान और अधिकारों की कोई महत्ता नहीं थी। |
| 4. दोनों मित्रों की आँखों में, रोम-रोम में विद्रोह भरा हुआ था। | 2. भारतीय जनता के मन में ब्रिटिश शासन के प्रति विद्रोह धीरे-धीरे गहराता गया। |
| 5. इतना तो हो ही गया कि नौ-दस प्राणियों की जान बच गई। वे सब तो आशीर्वाद देंगे। | 1. भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद जैसे क्रांतिकारियों ने बलिदान दिया, जिससे लाखों भारतीयों में आजादी की प्रेरणा जगी। |
| 6. साँड़ पूरा हाथी है… पर दोनों मित्र जान हथेलियों पर लेकर लपके। | 3. ब्रिटिश साम्राज्य बहुत शक्तिशाली था, फिर भी स्वतंत्रता सेनानियों ने साहसपूर्वक उसका सामना किया। |
पशुओं के लिए कानून |
प्रश्न -1.नीचे दिए गए संवाद पढ़िए और प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
“मैं तो समझता हूँ, चुराए लिए आते हो। चुपके से चले जाओ। मेरे बैल हैं। मैं बेचूँगा, तो बिकेंगे। किसी को मेरे बैल नीलाम करने का क्या अख्तियार है!” “जाकर थाने में रपट कर दूँगा।”
“मेरे बैल हैं। इसका सबूत यह है कि मेरे द्वार पर खड़े हैं।”
प्रश्न -1.बैलों का काँजीहाउस में बंद होना न्याय और अन्याय दोनों को दर्शाता है। कैसे?
उत्तर- बैलों का काँजीहाउस में बंद होना न्याय इसलिए दर्शाता है क्योंकि आवारा पशुओं को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर रखना व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरुरी था। यह अन्याय इसलिए दर्शाता है क्योंकि हीरा और मोती निर्दोष थे, फिर भी उन्हें बिना जाँच-पड़ताल के बंद कर दिया गया। उनके साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया।
प्रश्न -2.यदि आपको अवसर मिले तो आप बैलों की ओर से कौन-कौन से कानूनी अधिकार माँगेंगे?
उत्तर- यदि मुझे अवसर मिले, तो मैं बैलों की ओर से निम्नलिखित अधिकार माँगेंगे-
1.भोजन और स्वच्छ पानी का अधिकार।
2.सुरक्षित रहने का अधिकार।
3.मारपीट और अत्याचार से सुरक्षा का अधिकार।
4.उचित देखभाल और उपचार का अधिकार।
5.अधिक काम न करवाने का अधिकार।
6.स्वतंत्र और सम्मानजनक जीवन का अधिकार।
प्रश्न -3.मान लीजिए कि हीरा-मोती अपने साथ हुए अन्याय की शिकायत करना चाहते हैं। उनकी ओर से उनकी शिकायत थानाध्यक्ष को करते हुए एक पत्र लिखिए।
(संकेत- “थानाध्यक्ष महोदय, हमारा नाम… है। हमारे साथ अन्याय हुआ है…।”)
उत्तर- बैलों पर हुए अन्याय के संबंध में शिकायत-पत्र।
सेवा में, दिनांक-22/04/20xx
थानाध्यक्ष महोदय,
स्थानीय थाना।
विषय: हमारे साथ हुए अन्याय के संबंध में शिकायत।
महोदय,
उपर्युक्त विषय के संदर्भ में निवेदन है कि हमारा नाम हीरा और मोती है। हम मेहनती और शांत स्वभाव के बैल हैं। हमारे साथ अन्याय हुआ है। हमें बिना किसी अपराध के पकड़कर काँजीहाउस में बंद कर दिया गया। वहाँ हमें ठीक से भोजन और पानी भी नहीं दिया गया। हमारे साथ कठोर व्यवहार किया गया।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि हमारे मामले की जाँच कर हमें न्याय दिलाया जाए तथा दोषियों पर उचित कार्यवाही की जाए।
धन्यवाद।
भवदीय
हीरा एवं मोती
हमारी धरोहर और संस्कृति |
प्रश्न -1.”वह अपना धर्म छोड़ दे लेकिन हम अपना धर्म क्यों छोड़ें!”
कहानी के अनुसार हीरा और मोती सदैव ध्यान रखते थे कि कौन-से कार्य करने योग्य हैं और कौन-से नहीं। वे कौन-कौन से कार्य कभी नहीं करते थे?
उत्तर: हीरा और मोती अच्छे संस्कार वाले बैल थे। वे कभी किसी पर बिना कारण हमला नहीं करते थे। वे गिरे हुए शत्रु पर सींग नहीं चलाते थे। वे स्त्रियों पर हमला नहीं करते थे। वे अन्यायपूर्ण और बुरे कामों से दूर रहते थे।
प्रश्न -2.“गिरे हुए बैरी पर सींग न चलाना चाहिए।”
“लेकिन औरत जात पर सींग चलाना मना है, यह भूले जाते हो।”
हीरा के ये कथन किन भारतीय मूल्यों की ओर संकेत करते हैं?
उत्तर: हीरा के ये कथन भारतीय संस्कृति के ऊँचे आदर्शों की ओर संकेत करते हैं। इनमें दया, क्षमा, करुणा, शत्रु के प्रति भी मर्यादा, नारी सम्मान, अहिंसा और नैतिकता जैसे मूल्य प्रकट होते हैं।
प्रश्न -3.“दूसरे दिन गया ने बैलों को हल में जोता”
(क) खेतों में जुताई के लिए बैल और हल कृषि के पारंपरिक उपकरण हैं। कृषि के अन्य पारंपरिक और आधुनिक उपकरणों तथा उनके उपयोग के विषय में पता लगाइए और लिखिए।
उत्तर- पारंपरिक कृषि उपकरण-
1.हल – खेत जोतने के लिए।
2.कुदाल – मिट्टी खोदने के लिए।
3.फावड़ा – मिट्टी उठाने के लिए।
4.दरांती – फसल काटने के लिए।
5.बैलगाड़ी – सामान ढोने के लिए।
आधुनिक उपकरण:
1.ट्रैक्टर – जुताई और ढुलाई के लिए।
2.थ्रेशर – अनाज निकालने के लिए।
3.हार्वेस्टर – फसल काटने के लिए।
4.पंपसेट – सिंचाई के लिए।
5.स्प्रे मशीन – दवा छिड़कने के लिए।
(ख) भारत में बैल केवल पशु नहीं बल्कि कृषि संस्कृति का अभिन्न अंग हैं। लिखिए कि भारतीय गाँवों एवं शहरों में भी बैल किस-किस काम में सहायक होते हैं?
उत्तर- भारत में बैल कई कामों में सहायक होते हैं। गाँवों में वे खेत जोतने, गाड़ी खींचने, अनाज ढोने, कुएँ से पानी निकालने तथा फसल लाने-ले जाने में काम आते हैं। शहरों में बैलगाड़ी द्वारा सामान ढुलाई, निर्माण सामग्री पहुँचाने और कुछ स्थानों पर पारंपरिक उपयोग में सहायक होते हैं। बैल भारतीय कृषि और ग्रामीण जीवन का महत्वपूर्ण आधार हैं।
अलग-अलग और साथ-साथ |
“दो-चार बार मोती ने गाड़ी को सड़क की खाई में गिराना चाहा; पर हीरा ने संभाल लिया। वह ज्यादा सहनशील था।”
प्रश्न -1.कहानी के आधार पर हीरा और मोती की विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर-हीरा– धैर्यवान, शांत, सहनशील, समझदार, संयमी और मेहनती।
मोती – साहसी, गुस्सैल, स्वाभिमानी, उत्साही और मेहनती।
दोनों ही वफादार, मित्र और परिश्रमी थे।
प्रश्न -2.हीरा और मोती की विशेषताएँ कुछ-कुछ समान और कुछ-कुछ अलग हैं, किंतु उनकी भिन्न विशेषताएँ एक-दूसरे को पूरा करती हैं। कैसे?
उत्तर- हीरा शांत और सहनशील था, जबकि मोती तेज और क्रोधी था। जब मोती जल्दबाजी करता था, तब हीरा उसे संभालता था। जब हीरा अधिक सहन करता था, तब मोती अन्याय के विरुद्ध खड़ा होता था। इस प्रकार दोनों की अलग–अलग विशेषताएँ एक-दूसरे की कमी पूरी करती थीं।
प्रश्न -3.आपकी कक्षा में भी कुछ समान और कुछ भिन्न विशेषताओं वाले सहपाठी हैं। सबकी आवश्यकताएँ भी थोड़ी समान और थोड़ी भिन्न हैं। बताइए कि आप भिन्न विशेषताओं वाले सहपाठी से अपने लिए कैसा व्यवहार चाहते हैं? उनसे पता कीजिये कि वे आपसे अपने लिए कैसा व्यवहार चाहते हैं?
उत्तर- मैं अपने सहपाठियों से प्रेम, सम्मान और सहयोग का व्यवहार चाहता हूँ। वे मेरा मजाक न उड़ाएँ, झगड़ा न करें और कठिन समय में सहायता करें। पढ़ाई में एक-दूसरे को समझाएँ, नोट्स बाँटें और खेल में मिल-जुलकर खेलें। मैं भी उनके साथ ऐसा ही अच्छा व्यवहार करूँगा।
प्रश्न -4.“दोनों आमने-सामने या आस-पास बैठे हुए एक-दूसरे से मूक-भाषा में विचार-विनिमय करते थे।”
कहानी में अनेक स्थानों पर ‘मूक-भाषा‘ का उल्लेख किया गया है। आपके विचार से हीरा और मोती किस प्रकार आपस में बातें किया करते होंगे? अनुमान और कल्पना से बताइए।
उत्तर- मेरे विचार से हीरा और मोती आँखों के इशारों, सिर हिलाने, पूँछ हिलाने, पास आकर खड़े होने, धीरे-धीरे आवाज निकालने तथा शरीर की हरकतों से एक-दूसरे से बातें करते होंगे। वे एक-दूसरे के भाव आसानी से समझ लेते थे।
प्रश्न -5.आप भी अनेक अवसरों पर बिना शब्दों का उच्चारण किए संवाद करते हैं। कब-कब? कहाँ-कहाँ? कुछ उदाहरण लिखिए।
उत्तर- हम कई बार बिना बोले भी संवाद करते हैं। जैसे-
1.कक्षा में शिक्षक के सामने इशारे से बात करना।
2.मित्र को देखकर मुस्कुराना।
3.सिर हिलाकर हाँ या ना कहना।
4.हाथ हिलाकर किसी को बुलाना या विदा करना।
5.खेल के समय संकेत देकर साथी को समझाना।
भारतीय सांकेतिक भाषा
मार्ग खोजेंगे कैसे? |
“सीधे दौड़ते चले गए। यहाँ तक कि मार्ग का ज्ञान न रहा। जिस परिचित मार्ग से आए थे, उसका यहाँ पता न था। नए-नए गाँव मिलने लगे।”
प्रश्न -1.हीरा-मोती अपने घर के मार्ग से भटक गए थे। क्या कभी आपके साथ ऐसा हुआ है कि आप रास्ता भूल गए या भटक गए? तब आपने अपने मार्ग का पता कैसे लगाया था?
उत्तर- हाँ, एक बार मैं बाजार में रास्ता भूल गया था। तब मैंने पास की दुकान पर जाकर पता पूछा। मैंने मोबाइल में मानचित्र भी देखा और घरवालों से संपर्क किया। उनकी सहायता से मैं सही रास्ते पर पहुँच गया।
प्रश्न -2.यदि कोई व्यक्ति भटक जाए तो उसे क्या करना चाहिए कि वह सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य तक पहुँच जाए?
उत्तर- यदि कोई व्यक्ति भटक जाए, तो उसे घबराना नहीं चाहिए। उसे शांत रहकर आसपास के लोगों की सहायता लेनी चाहिए। मोबाइल में ऑनलाइन मानचित्र देखना चाहिए। पुलिस स्टेशन, स्कूल, अस्पताल या सरकारी भवन में सहायता माँगनी चाहिए। सड़क पर लगे सूचना-पट, दुकानों के बोर्ड और पते देखकर सही मार्ग का पता लगाया जा सकता है। आवश्यकता होने पर परिवार वालों को फोन करना चाहिए।
प्रश्न -3.आपके विद्यालय में आपदा की स्थिति में निकासी का मार्ग दर्शाने वाला मानचित्र अवश्य होगा। उसे ध्यानपूर्वक देखिए और पता लगाइए कि आपदा की स्थिति में आपकी कक्षा के सबसे निकट और सुरक्षित कौन-सा मार्ग है।
उत्तर- मेरे विद्यालय में आपदा निकासी मानचित्र लगा हुआ है। मेरी कक्षा के निकट सबसे सुरक्षित मार्ग मुख्य द्वार की ओर जाने वाला गलियारा है। आपदा की स्थिति में हमें अनुशासनपूर्वक पंक्ति बनाकर उसी मार्ग से खुले मैदान में जाना चाहिए। वहीं सुरक्षित स्थान पर एकत्र होना चाहिए।
सृजन |
प्रश्न -1.हीरा और मोती की दैनंदिनी
कहानी में हीरा और मोती आपस में मनुष्यों की तरह बातें करते दिखते हैं। कल्पना कीजिए कि वे लिख-पढ़ भी सकते हैं। हीरा या मोती की नजर से उस दिन की डायरी लिखिए जब उन्हें काँजीहाउस ले जाया गया।
कैसे लिखें-
- “आज का दिन…” से आरंभ करें।
- भावनाएँ लिखें (भूख, गुस्सा, दर्द)।
- अंत में आशा या संकल्प लिखें।
(संकेत- “आज हमें काँजीहाउस में बंद किया गया। भूख से पेट जल रहा है। पर विश्वास है कि झूरी हमें वापस ले जाएगा।”)
उत्तर- आज का दिन बहुत दुखद रहा। आज हमें पकड़कर काँजीहाउस में बंद कर दिया गया। वहाँ चारों ओर गंदगी थी और कई पशु उदास खड़े थे। भूख से पेट जल रहा है। शरीर थक गया है और मन में गुस्सा भी है। हमें झूरी मालिक की बहुत याद आ रही है। वहाँ कितना प्यार मिलता था। यहाँ कोई हमारी चिंता नहीं करता। पर मुझे विश्वास है कि एक दिन हम फिर अपने घर लौटेंगे। हमें हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। – मोती
प्रश्न -2.आज के समाचार
मान लीजिए आप एक स्थानीय समाचार पत्र के संवाददाता हैं। अपने समाचार पत्र के लिए बैलों के काँजीहाउस से भागने का समाचार लिखिए।
कैसे लिखें-
- शीर्षक दें।
- घटना का विवरण (कहाँ, कब, क्या हुआ)।
- परिणाम और लोगों की प्रतिक्रिया।
(संकेत- शीर्षक ‘दो बहादुर बैलों ने तोड़ी बेड़ियाँ)
उत्तर-दो बहादुर बैलों ने तोड़ी बेड़ियाँ
स्थानीय संवाददाता, गाँव नगर
कल रात गाँव के काँजीहाउस से दो बैल भाग निकले। इन बैलों के नाम हीरा और मोती बताए जाते हैं। बताया जाता है कि दोनों बैलों ने पहले दीवार कमजोर की और फिर जोर लगाकर उसे तोड़ दिया। इसके बाद वे तेजी से बाहर निकल गए।
सुबह जब लोगों ने टूटी दीवार देखी तो सब आश्चर्यचकित रह गए। गाँव के लोग बैलों की बहादुरी की चर्चा कर रहे हैं।
प्रश्न -3.कहानी का नया अंत
यदि बैल वापस न लौटते तो कहानी का अंत कैसे होता ? कहानी का नया अंत लिखिए।
कैसे लिखें-
- बैलों की नई जगह।
- झूरी की स्थिति।
(संकेत- “हीरा और मोती अब एक बूढ़े किसान के घर शांति से रह रहे हैं।“)
उत्तर- यदि हीरा और मोती वापस न लौटते, तो वे रास्ते में एक बूढ़े किसान के घर पहुँच जाते। किसान उन्हें प्रेम से रखता और उनसे कम काम करवाता। दोनों बैल वहाँ शांति से रहने लगते। उधर झूरी अपने प्रिय बैलों को याद करके बहुत दुखी रहता। वह उन्हें खोजता रहता, पर वे नहीं मिलते। अंत में झूरी उनकी सुख-शांति की कामना करता।
प्रश्न -4.चित्रकथा लेखन
नीचे ‘दो बैलों की कथा’ की एक घटना को चित्रकथा के रूप में दिया गया है। इन घटनाओं को पहचानिए। प्रत्येक घटना के लिए उपयुक्त संवाद और घटनाक्रम बताने वाले वाक्य लिखिए।
कैसे लिखें-
- हर चित्र के लिए एक छोटा संवाद बनाकर लिखिए।
- दृश्य का क्रम- बंद करना, भागने की योजना, दीवार तोड़ना, आजादी।
(संकेत- चित्र 4: “अब हम आजाद हैं।”)
उत्तर: चित्र 1: बंद करना
सिपाही- चलो, अंदर जाओ!
वाक्य- हीरा और मोती को काँजीहाउस में बंद कर दिया गया।
चित्र 2: भागने की योजना
मोती- हीरा, हमें यहाँ से निकलना होगा।
हीरा- हाँ, आज रात कोशिश करेंगे।
वाक्य- दोनों ने भागने की योजना बनाई।
चित्र 3: दीवार तोड़ना।
मोती- जोर लगाओ !
हीरा- बस थोड़ी और ताकत लगाओ।
वाक्य- दोनों ने मिलकर दीवार तोड़ दी।
चित्र 4: आजादी
मोती- अब हम आजाद हैं!
हीरा- चलो, अपने घर चलते हैं।
वाक्य- आज से हम दोनों आजाद हैं।
भाषा से संवाद |
व्याकरण की बात
मेरे शब्द
कहानी में से पाँच ऐसे शब्द चुनकर लिखिए जो आपके लिए बिल्कुल नए हैं। उनके अर्थ पहले अनुमान से और फिर शब्दकोश से लिखिए।
| शब्द | अनुमानित अर्थ | शब्दकोशीय अर्थ |
| संदिग्ध | शक होने वाला | जिस पर संदेह किया जाए |
| प्रयास | कोशिश करना | किसी कार्य को करने का यत्न |
| कमजोर | ताकत कम होना | जिसमें बल या शक्ति कम हो |
| स्वतंत्रता | अपनी मर्जी से जीना | बंधन से मुक्त होने की अवस्था |
भाषा गढ़ते मुहावरे |
“लोग आ-आकर उनकी सूरत देखते और मन फीका करके चले जाते”।
‘मन फीका करना’ एक मुहावरा है जिसका अर्थ आपको वाक्य पढ़कर समझ में आ ही गया होगा। इसी से मिलते-जुलते मुहावरे हैं- जी फीका होना, जी खट्टा होना आदि। ‘दो बैलों की कथा’ कहानी में कई मुहावरे हैं जिनसे यह कहानी जीवंत हो गई है। ऐसी भाषा को ही मुहावरेदार भाषा कहा जाता है।
कहानी में से चुनकर कुछ वाक्य नीचे दिए गए हैं। इस वाक्यों में मुहावरों को पहचानकर रेखांकित कीजिये। इन मुहावरों का प्रयोग करते हुए नए वाक्य बनाकर लिखिए –
- “झूरी के साले गया को घर तक गोईं ले जाने में दाँतों पसीना आ गया।”
मुहावरा- दाँतों पसीना आना
अर्थ- बहुत कठिनाई होना
नया वाक्य- पहाड़ चढ़ने में मेरे दाँतों पसीना आ गया।
- “उसका चेहरा देखकर अंतर्ज्ञान से दोनों मित्रों के दिल काँप उठे।”
मुहावरा- दिल काँप उठना
अर्थ- बहुत डर जाना
नया वाक्य- शेर की आवाज सुनकर बच्चों के दिल काँप उठे।
- “झूरी की स्त्री ने बैलों को द्वार पर देखा, तो जल उठी।”
मुहावरा- जल उठना
अर्थ- क्रोधित या ईर्ष्यालु होना
नया वाक्य- मेरी सफलता देखकर वह जल उठा।
- “मोती दिल में ऐंठकर रह गया।”
मुहावरा- दिल में ऐंठकर रह जाना
अर्थ- मन में क्रोध दबाकर रह जाना
नया वाक्य- अपमान सुनकर वह दिल में ऐंठकर रह गया।
- “आएगा तो दूर ही से खबर लूँगा।”
मुहावरा- खबर लेना
अर्थ- अच्छी तरह सबक सिखाना / डाँटना
नया वाक्य- यदि वह फिर शरारत करेगा, तो शिक्षक उसकी खबर लेंगे।
- “चार बातें सुनकर गम खा जाते हैं।”
मुहावरा- गम खा जाना
अर्थ- दुख सह लेना, चुप रह जाना
नया वाक्य- वह सब अपमान सहकर गम खा गया।
- “अगर वे भी ईंट का जवाब पत्थर से देना सीख जाते…”
मुहावरा- ईंट का जवाब पत्थर से देना
अर्थ- कठोर उत्तर देना
नया वाक्य- सैनिकों ने दुश्मन को ईंट का जवाब पत्थर से दिया।
- “बंदा तो नौ-दो ग्यारह होता है।”
मुहावरा- नौ-दो ग्यारह होना
अर्थ- भाग जाना
नया वाक्य- पुलिस को देखकर चोर नौ-दो ग्यारह हो गया।
गतिविधियाँ |
नीचे दी गई गतिविधियाँ अपने समूह के साथ मिलकर कीजिए-
प्रश्न -1.कविता (गीत) और अभिनंदन-पत्र
“बाल-सभा ने निश्चय किया, दोनों पशुवीरों को अभिनंदन-पत्र देना चाहिए।”
(क) मान लीजिए कि बाल-सभा ने हीरा और मोती की प्रशंसा में एक गीत लिखा और गाया। अपनी कल्पना से वह गीत लिखिए।
उत्तर- (क) हीरा और मोती की प्रशंसा में गीत
हीरा-मोती वीर हमारे,
सबके प्यारे, न्यारे-न्यारे।
संकट में भी साथ निभाया,
सच्ची मित्रता का पाठ पढ़ाया।
मेहनत करके खेत सजाया,
घर-आँगन में मान बढ़ाया।
हिम्मत, साहस, प्रेम के धनी,
दोनों बैलों की जय हो भई!
(ख) हीरा और मोती के लिए अभिनंदन-पत्र लिखिए।
उत्तर- हीरा और मोती के लिए अभिनंदन-पत्र
अभिनंदन-पत्र
प्रिय हीरा और मोती,
हम सब बाल-सभा की ओर से आपका हार्दिक अभिनंदन करते हैं। आपने साहस, मित्रता, निष्ठा और परिश्रम का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया है। आपने संकट में भी धैर्य नहीं खोया और सच्चे साथी होने का प्रमाण दिया।
हम आपके गुणों से प्रेरणा लेते हैं। हम सबको आप पर गर्व है।
आपके उज्ज्वल जीवन की कामना सहित।
प्रश्न -2.बाल सभा में भाषण
मान लीजिए कि आपको बाल-सभा ने हीरा-मोती के लौटने के बाद भाषण देने के लिए बुलाया है। भाषण का विषय है- ‘पशुओं के अधिकार’। अपना भाषण लिखिए और कक्षा में प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर- बाल सभा में भाषण
विषय – पशुओं के अधिकार
आदरणीय प्रधानाचार्य जी,
शिक्षकगण और मेरे प्रिय साथियो,
आज मैं ‘पशुओं के अधिकार’ विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करना चाहता हूँ। पशु भी जीवित प्राणी हैं। उनमें भी दर्द सहने, प्रेम करने और भावनाएँ व्यक्त करने की क्षमता होती है। इसलिए हमें उनके साथ दया और प्रेम का व्यवहार करना चाहिए।
पशुओं को भोजन, पानी, रहने का स्थान और सुरक्षा मिलना उनका अधिकार है। उनसे अधिक काम नहीं लेना चाहिए और न ही उन पर अत्याचार करना चाहिए। हमें घायल और बीमार पशुओं की सहायता करनी चाहिए।
यदि हम पशुओं के प्रति दया दिखाएँगे, तो समाज में मानवता बढ़ेगी। इसलिए हमें पशुओं से प्रेम करना चाहिए और उनके अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए।
धन्यवाद।
प्रश्न -3.शीर्षक
इस कहानी के पाँच भाग हैं। कहानी के प्रत्येक भाग को अपने मन से उपयुक्त शीर्षक दीजिए।
उत्तर- कहानी के पाँच भागों के शीर्षक
1.झूरी के प्रिय बैल
2.गया के घर दुखभरा जीवन
3.मित्रता और साहस
4.बंधन से मुक्ति
5.घर वापसी का आनंद
| मेरी पहेली |
अपने समूह के साथ मिलकर ऐसी पहेलियाँ बनाइए जिनके उत्तर निम्नलिखित हों-
हीरा, झूरी, मोती, गया, बैल, मटर, रस्सी, रोटी।
प्रश्न-1. नाम मेरा प्यारा, बैलों में मैं सबसे न्यारा।
उत्तर – हीरा
प्रश्न-2.बैलों का जो मालिक था, उनसे बहुत ही प्यार था।
उत्तर – झूरी
प्रश्न-3.हीरा का सच्चा साथी, हरदम चलता साथ ही।
उत्तर – मोती
प्रश्न-4.जिसने बैलों को ले जाया, कठोर व्यवहार अपनाया।
उत्तर – गया
प्रश्न-5 .खेतों में जो हल चलाता, किसान का साथी कहलाता।
उत्तर – बैल
प्रश्न-6.हरी-हरी दानेदार चीज, खाने में लगती है नीज।
उत्तर – मटर
प्रश्न-7.बाँधने के काम जो आती, मजबूत डोरी कहलाती।
उत्तर – रस्सी
प्रश्न-8.गोल-गोल तवे पर बनती, सबके घर में रोज़ सजती।
उत्तर – रोटी
भाषा संगम
| “कभी-कभी अड़ियल बैल भी देखने में आता है।”
नीचे ‘बैल’ शब्द के लिए संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित कुछ भारतीय भाषाओं में प्रयुक्त शब्दों की सूची दी गई है। बैल (हिंदी); वृषभः (संस्कृत); बओलद, बल्द (पंजाबी); बैल (उर्दू); दोंद (कश्मीरी); ढ़गो (सिंधी); बैल (मराठी); बळद (गुजराती); बैल (कोंकणी); गोरु (नेपाली); बलद (बांग्ला); षाँड़, बलध (असमिया); शन लाबा (मणिपुरी); बलद (ओड़िआ); एंददु (तेलुगु); एरिदु/कालैमाहु (तमिल); काळ (मलयालम); एत्तु (कन्नड़)। इनके अतिरिक्त यदि आप ‘बैल’ शब्द को किसी और भाषा में भी जानते हैं तो उस भाषा में भी लिखिए। उपर्युक्त वाक्य को अपनी मातृभाषा में भी लिखिए। |
उत्तर- बुंदेली भाषा में:
1.‘कभऊ-कभऊ अड़ियल बैल भी देखे मा आवत है’।
अंग्रेज़ी में-
- ‘Sometimes a stubborn bull is also seen’.
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डॉ.अजीत भारती