नई कहानी की विशेषताएं
नई कहानी (सन् 1950 ई. के बाद)
प्रश्न— नई कहानी पर प्रकाश डालिए और उसकी विशेषताएँ बताइए।
उत्तर- नई कहानी हिंदी कथा साहित्य की एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली धारा है, जिसका विकास स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद, विशेष रूप से सन् 1950 के पश्चात् हुआ। इस काल में भारतीय समाज में तीव्र सामाजिक, आर्थिक और मानसिक परिवर्तन हुए। इन परिवर्तनों का प्रभाव साहित्य पर भी पड़ा और कहानी की एक नई चेतना का विकास हुआ, जिसे “नई कहानी” कहा गया।
इस कहानी का उद्देश्य केवल मनोरंजन करना नहीं है, बल्कि आधुनिक मनुष्य के जीवन की सच्चाइयों को यथार्थ रूप में प्रस्तुत करना है। इसमें व्यक्ति, परिवार और समाज के बदलते संबंधों और समस्याओं का गहन चित्रण मिलता है। यह कहानी आज के मनुष्य की मानसिक स्थिति, संघर्ष और अनुभूतियों को केंद्र में रखती है।
नई कहानी की प्रमुख विशेषताएँ-
1. आधुनिक जीवन का यथार्थ चित्रण-
इसमें समकालीन जीवन की वास्तविक समस्याओं को प्रस्तुत किया गया है। महानगरीय जीवन की व्यस्तता, बेरोजगारी, महँगाई, आर्थिक असुरक्षा, पारिवारिक तनाव और सामाजिक विषमताएँ इसके प्रमुख विषय हैं। इसमें जीवन को आदर्श रूप में नहीं, बल्कि यथार्थ रूप में दिखाया गया है।
2. व्यक्ति के आंतरिक जीवन पर बल-
इस धारा की कहानियों में बाहरी घटनाओं की अपेक्षा व्यक्ति के मनोभावों को अधिक महत्व दिया गया है। मनुष्य के भीतर चलने वाले द्वंद्व, निराशा, अकेलापन, भय, प्रेम और असंतोष को सूक्ष्म रूप से अभिव्यक्त किया गया है।
3. मध्यवर्गीय जीवन की अभिव्यक्ति-
इस कहानी का नायक प्रायः मध्य वर्ग से संबंधित होता है। उसकी सीमित आय, पारिवारिक जिम्मेदारियाँ, सामाजिक दबाव और भविष्य की चिंता को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ चित्रित किया गया है।
4. मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण-
नई कहानी में पात्रों के व्यवहार के पीछे छिपी मानसिक प्रक्रियाओं का विश्लेषण किया गया है। लेखक यह स्पष्ट करता है कि व्यक्ति किसी निर्णय तक किन मानसिक परिस्थितियों में पहुँचता है।
5. सामाजिक मूल्यों में परिवर्तन का चित्रण-
उक्त कहानी में परंपरागत मूल्यों के क्षरण और नए मूल्यों—जैसे स्वतंत्रता, समानता और आत्मसम्मान—के उदय को दर्शाया गया है। पीढ़ियों के बीच वैचारिक टकराव भी इसमें प्रमुखता से दिखाई देता है।
6. संबंधों में तनाव और विघटन-
आधुनिक जीवन की जटिलताओं के कारण पारिवारिक और सामाजिक संबंधों में आई दूरी, असंतोष और टूटन का यथार्थ चित्र नई कहानी में मिलता है।
7. व्यक्ति की स्वतंत्र चेतना-
इनके पात्र अपने अधिकारों और अस्तित्व के प्रति सजग है। वह परंपराओं से बँधकर नहीं रहना चाहता और अपने जीवन के निर्णय स्वयं लेना चाहता है।
8. सरल और सहज भाषा-शैली-
नई कहानी की भाषा सामान्य बोलचाल की, सरल और प्रभावशाली है। इससे पाठक कहानी से सहज रूप से जुड़ जाता है।
निष्कर्ष-
इस प्रकार नई कहानी आधुनिक जीवन का सजीव दस्तावेज है। यह व्यक्ति के बाहरी जीवन के साथ-साथ उसके आंतरिक संघर्षों को भी सशक्त रूप से प्रस्तुत करती है। नई कहानी न केवल समाज की सच्चाइयों को उजागर करती है, बल्कि पाठक को सोचने और आत्ममंथन के लिए प्रेरित भी करती है।
====x===============x=============x===========x==================x==========डॉ. अजीत भारती