Laghu katha Lekhan

Laghu katha Lekhan

Laghu katha Lekhan?


प्रश्न-1. लघुकथा किसे कहते हैं ?

उत्तर- जब कोई लेखक कम से कम शब्दों में किसी विशेष बिंदु को मार्मिक कथन से प्रस्तुत करता है, तो उस रचना को लघुकथा कहते हैं।


प्रश्न-2. लघुकथा का अर्थ बताओ ?

उत्तर- लघुकथा दो शब्दों से मिलकर बना है- लघु+कथा।

1-‘लघु’ का अर्थ है- छोटा/छोटी।

2-‘कथा’ का अर्थ है- कथन।

अर्थात् लघुकथा का अर्थ हुआ- छोटा कथन।


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प्रश्न-3. लघुकथा की विशेषताएँ क्या हैं ?

उत्तर- लघुकथा की निम्नलिखित विशेषताएँ हैं-

1- लघुकथा आकार में छोटी होती है।

2- ये कथाएँ शिक्षा और मनोरंजन दोनों ही प्रस्तुत करती हैं।

3- इनकी भाषा सरल और बोलचाल की होती है।

4- आज की लघुकथाओं में कथा का केंद्र बिंदु मानव समाज रहता है।

5- लघु कथाओं में चरित्र-चित्रण को अधिक महत्व नहीं दिया जाता है।

6- आज की लघुकथाएँ घटना पर कम व्यक्ति के निजी अनुभव पर अधिक लिखीं जाती हैं।

7- लघुकथा का लक्ष्य किसी मार्मिक पक्ष को प्रस्तुत करना मात्र होता है।


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प्रश्न-4. लघुकथा लिखते समय किन बातों का ध्यान रखना आवश्यक है?

उत्तर- लघुकथा लिखते समय निम्न बातों को ध्यान में रखना चाहिए-

1- सबसे पहले लघुकथा के शीर्षक को पढ़कर ठीक से समझ लें, उसके बाद ही लिखना शुरू करें।

2- लघुकथा दी गई शब्द सीमा में लिखें अगर शब्द सीमा का बंधन न दिया हो तो 100 से 120 शब्दों में लिखना चाहिए।

3- कथा की शुरुआत रोचक ढंग से करनी चाहिए

4- कथा को क्रम में लिखना चाहिए।

5- कथा छोटे-छोटे वाक्यों में होनी चाहिए।

6- कथा का शीर्षक अवश्य लिखना चाहिए।

7- कथा की भाषा-शैली सरल होनी चाहिए।

8- कथा प्रभावकारी होनी चाहिए।

9- कथा ऐसी हो कि पढ़ने वाला शुरू से अंत तक बंधा रहे।

10- कथा लिखने के बाद उसे एक बार पढ़कर अवश्य देख लेना चाहिए


  • लघुकथा से संबंधित प्रश्न निम्न प्रकार से पूछे जाते हैं-

प्रश्न-1. एक पेड़ का दुःखविषय पर लगभग 100 से 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

उत्तर- एक पेड़ का दुःख

मैं एक पेड़ हूँ। मेरी आवश्यकता संसार के हर प्राणी को है। मैं उन स्थानों पर रहता हूँ जहाँ कई तरह के जीव रहते हैं। मैं सभी को ऑक्सीजन देता हूँ। भोजन के रूप में फल, फूल और पतियाँ देता हूँ। मेरी शरण में आने वाले को तेज धूप और सर्दी से बचाता हूँ। भोजन पकाने और फर्नीचर के लिए लकड़ी देता हूँ। कई प्रकार के रोगों को दूर करने के लिए औषधि प्रदान करता हूँ। जगत के छोटे–बड़े पक्षी मेरे ऊपर अपना घर बनाते हैं। इन सबके बदले में मैं किसी से कुछ नहीं लेता हूँ। फिर भी मनुष्य अपने स्वार्थ के लिए लगातार मुझे ख़त्म करता जा रहा है। जिससे संसार के सभी प्राणियों को कष्ट सहना पड़ रहा है।

          लेकिन मैं अपना दुःख किसी से कह नहीं सकता हूँ। और फर्नीचर के लिए लकड़ी देता हूँ। कई प्रकार के रोगों को दूर करने के लिए औषधि प्रदान करता हूँ। जगत के छोटे–बड़े पक्षी मेरे ऊपर अपना घर बनाते हैं। इन सबके बदले में मैं किसी से कुछ नहीं लेता हूँ। फिर भी मनुष्य अपने स्वार्थ के लिए लगातार मुझे ख़त्म करता जा रहा है। जिससे संसार के सभी प्राणियों को कष्ट सहना पड़ रहा है। लेकिन मैं अपना दुःख किसी से कह नहीं सकता हूँ।


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प्रश्न-2. एकता में ही बल हैविषय पर लगभग 100 से 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

उत्तर- एकता में ही बल है

एकता में बड़ी शक्ति होती है। एकता से बड़ी से बड़ी मुसीबतों का सामना किया जा सकता है। एक बार की बात है, एक जंगल में कबूतरों का एक बड़ा समूह रहता था। उनमें आपस में बहुत प्रेम था। एक बार उनके झुण्ड पर एक शिकारी की नजर पड़ गई। उसके मन में विचार आया अगर मैं इन कबूतरों को पकड़ कर बेचूँगा, तो खूब पैसे मिलेंगे। उन्हें पकड़ने के लिए एक तरकीब सोचता है। अगले दिन वह जहाँ सारे कबूतर बैठते थे उसी स्थान पर अँधेरे में एक जाल बिछा कर उसके ऊपर कुछ अनाज के दाने डालकर चला जाता। सुबह होने पर जैसे ही सारे कबूतर दाना खाने के लिए एक साथ बैठते हैं वैसे ही सभी जाल में फंस जाते हैं।

          शिकारी आता उससे पहले ही  कबूतरों का झुण्ड जाल लेकर उड़ जाता है। और अपने मित्र चूहा के बिल के पास उतर जाते हैं। उनका मित्र जाल को काटकर सभी को मुक्त कर देता है। इस प्रकार सभी की जान बच जाती है। इसलिए कहा जाता है कि एकता में बल होता है।


अभ्यास के लिए इन विषयों पर भी लघुकथा लिख सकते हैं–

1- ‘सबका मालिक एक है’ विषय पर लगभग 100 से 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

2- ‘ एक जंगल का दुःख’ विषय पर लगभग 100 से 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

3- ‘सत्यमेव जयते’ विषय पर लगभग 100 से 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

4- ‘क्रोध पाप का मूल है’ विषय पर लगभग 100 से 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

5- ‘करत करत अभ्यास के जड़मति होय सुजान’ विषय पर लगभग 100 से 120 शब्दों में

लघुकथा लिखिए।


6- ‘अनुशासन’ विषय पर लगभग 100 से 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

7- ‘कर्म का फल’ विषय पर लगभग 100 से 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

8- ‘एक गरीब किसान’ विषय पर लगभग 100 से 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

9- ‘बबलू की मस्ती’ विषय पर लगभग 100 से 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

10- ‘चरित्र सर्वोत्तम धन’ विषय पर लगभग 100 से 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

 


https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B2%E0%A4%98%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A4%A5%E0%A4%BE


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आचार्य-अजीत भारती

 

By hindi Bharti

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